म्यांमार हिंसा के बारे में शेयर की जा रही Images का सच

म्यांमार हिंसा के बारे में शेयर की जा रही Images का सच

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Social media किसी भी न्यूज़ को फ़ैलाने का एक आसान जरिया बन चुका है, जिसके फायदे भी हैं और नुकसान भी। खबर कोई भी हो, सोशल मीडिया हमेशा सक्रिय रहता है। परन्तु यह जरूरी भी नहीं कि जो भी खबर सोशल मीडिया पर वायरल है वो सच है, खासकर जब खबर किसी साम्प्रदाय या राजनीति से जुड़ी हो। इन दोनों ही केस में खबरों को लोग अपनी तरह से पेश करते हैं।

म्यांमार हिंसा भी कुछ ऐसी ही कूटनीति का शिकार है, जिसमे दोनों धर्म खबरों को अपनी – अपनी तरह से पेश कर रहे हैं। म्यांमार में जो भी हो रहा है वो काफी दर्दनीय है, परन्तु यहाँ हम किसी धर्म का पक्ष नहीं लेंगे। क्योंकि ऐसे दंगों में कभी भी किसी का फायदा नहीं हुआ, जानें दोनों तरफ ही जाती हैं।

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यहीं सोशल मीडिया पर दोनों धर्मो के लोगो को भड़काने का काम कुछ लोग बखूबी कर रहे हैं, और अपने धर्म प्रेम में लोग बिना तथ्य को जाने Images को शेयर किये जा रहे हैं। हम पहले भी images द्वारा गलत खबर फ़ैलाने के बारे में बताते रहें हैं:

  1. 50 और 100 के पुराने नोट
  2. अरविन्द केजरीवाल अब अनशन के विरोध में ??
  3. Vietnam का 1.5 कि.मी. का पुल अब Raigarh में ??

म्यांमार हिंसा के बारे में शेयर की जा रही Images का सच:

कुछ उदाहरण:

सोमिया खान, एक पाकिस्तान सिंगर हैं, जिनके 2,705,987 है, उन्होंने म्यांमार हिंसा के बारे में कुछ Images पोस्ट की:

somiya khan fake images

यह पोस्ट और लोगो द्वारा भी शेयर की गयी।

myamar fake post

 

ये भी पढ़ें: रोहिंग्या मुस्लिम के वायरल वीडियो का सच

जब आपको इतने लोग follow करते है, तब आपका दायित्व और बढ़ जाता है कि आप क्या share कर रहे हैं। अब इन Images का सत्य जानते हैं।

पहली इमेज Guang Niu ने 2010 में चीन में भूकंप के समय click की थी, ,जिस दौरान 2600 Tibetans मारे गए और 12000 से ज्यादा घायल हुए। इस फोटो को worldpressphoto द्वारा second prize दिया गया था।

म्यांमार दंगों में शेयर की जा रही Images का सच

इसी प्रकार दूसरी फोटो 2013 की है source: http://www.africansinamericanewswatch.com/a/p/news/news0160.html

इसी प्रकार एक Same Photo दोनों समुदाय द्वारा अपने अपने तरीके से use की गयी

नीचे दी गयी फोटो में इन बच्चो को रोहिंग्या मुसलमान बताया गया।

muslim-rohingya-wrong-image-used

इसी फोटो को हिन्दुओं द्वारा भी प्रयोग किया गया और इस फोटो में बच्चो को हिन्दू बताया गया।

hindu-kids-killed-by-rohingya-muslims

आइये आपको कुछ और example दिखाते हैं जिसमे एक दूसरे के धर्म को और उनके मानने वालों को बदनाम करने की कोशिश की गई हैं।

 

इसमें रोहिंग्या मुसलमानों को एक नरभक्षी के रूप में पेश किया जा रहा हैं जबकि वह तस्वीरें सन 2009 की पुरानी फोटोज है जिनको गलत तरह से फैलाया जा रहा है।

 

और ये सिलसिला लगातार जारी है, तो सभी से निवेदन है कि किसी भी पोस्ट पर विश्वास करने से पहले और कोई भी किसी के लिए विचारधारा बनाने से पहले सत्य जानने की कोशिश जरूर करें।

Happy And Safe Social Networking

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