अनुच्छेद 30A और स्कूलों में गीता – रामायण की पढाई पर पाबंदी

अनुच्छेद 30A और स्कूलों में गीता – रामायण की पढाई पर पाबंदी

अनुच्छेद 30A और स्कूलों में गीता – रामायण की पढाई पर पाबंदी

 

सोशल मीडिया पर वायरल खबर को सच माना जाये तो अनुच्छेद 30A के अनुसार भारत के किसी भी स्कूल में गीता या रामायण पढ़ाने का अधिकार नहीं है। तो क्या सच में देश के विद्यालयों में गीता या कोई भी धार्मिक सनातन ग्रंथ प्रतिबंधित है, जबकि मदरसों में क़ुरान को पढ़ाया जा सकता है।

30A आर्टिकल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल खबर:

Article 30 : – Quran can be taught in the madarsas !

Article 30(A) : – Geeta can not be read in schools !

Credit goes to👉 Jawaharlal Nehru …

अगर वास्तविक पोस्ट हटा दी गई है तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://archive.fo/yzIJN

https://archive.fo/27C8g

https://archive.fo/YhZ0A

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ (एक वरिष्ठ पत्रकार) के 30A को लेकर विचार:

अब जबकि कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A खत्म किया जा चुका है। तो सोशल मीडिया पर 30A को लेकर एक नई वायरल खबर अपने पाओं पसार रही है।

मोदीजी अब धारा 30A हटाओ, ताकि स्कूलों में गीता-रामायण जैसे ग्रन्थ पढ़ाये जा सके –!!

🚩 ll जय श्री राम ll🚩

 

ये भी पढ़ें: POK के मुस्लिमों के द्वारा पाकिस्तान का झंडा जलाये जाने का वायरल सच

आर्टिकल 30A का सच:

जब हमने 30A के बारे में पढ़ना शुरू किया तो पाया कि वास्तिकता में अनुच्छेद 30A नाम का कोई आर्टिकल है ही नहीं। बल्कि अनुच्छेद 30 को तीन भागों में बाटा गया है।अनुच्छेद 30(1), 30(1A), 30(2)

क्या है अनुच्छेद 30?

अनुच्छेद 30A: धर्म या भाषा पर आधारित सभी अल्पसंख्यक-वर्र्गों को अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा।

अनुच्छेद 30(1A): किसी अल्पसंख्यक-वर्ग द्वारा स्थापित और प्रशासित शिक्षा संस्था की संपत्ति के अनिवार्य अर्जन के लिए उपबंध करने वाली विधि बनाते समय, राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी संपत्ति के अर्जन के लिए ऐसी विधि द्वारा नियत या उसके अधीन अवधारित रकम इतनी हो कि उस खंड के अधीन प्रत्याभूत अधिकार निर्बन्धित या निराकृत न हो जाए।

अनुच्छेद 30(2): शिक्षा संस्थाओं को सहायता देने में राज्य किसी शिक्षा संस्था के विरुद्ध इस आधार पर विभेद नहीं करेगा कि वह धर्म या भाषा पर आधारित किसी अल्पसंख्यक-वर्ग के प्रबंध में है।

 

इससे साफ़ स्पष्ट है क़ि न तो आर्टिकल 30A नाम का कोई अनुच्छेद है। और नाही संविधान गीता और रामायण की पढाई को प्रतिबंधित करता है।

 

जानकारों के अनुसार:

India Today ने लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि संविधान में किसी भी धार्मिक ग्रंथ के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष है और इसमें कोई प्रावधान नहीं है जो यह सुझाव देता है कि कुरान को मदरसों में पढ़ाया जा सकता है और गीता को स्कूलों में नहीं पढ़ा जा सकता है।

Claim : Article 30A bans teaching Geeta Ramayana in Schools

Fact:  Neither there is such article named 30A nor any law bans teaching Geeta, Ramayana in schools

 

VerifyKhabar के अनुसार:

ऐसा कोई लेख 30A में नहीं है और ऐसा कोई कानून नहीं है जो स्कूलों में गीता, रामायण पर प्रतिबंध लगाता हो। यद्यपि अनुच्छेद 30 (1) अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद का शैक्षिक संस्थान स्थापित करने की स्वतंत्रता देता है। जहां वे तय कर सकते हैं कि वे क्या सिखाना चाहते हैं, जैसे मदरसा, कॉन्वेंट स्कूल।

लेकिन भारतीय कानून के अनुसार स्कूलों में गीता, रामायण पढ़ाने के लिए कोई नहीं रोक सकता।

Share the News and Let the people know the truth
Related Posts
comments
  • ऐसा कोई लेख 30A में नहीं है और ऐसा कोई कानून नहीं है जो स्कूलों में गीता, रामायण पर प्रतिबंध लगाता हो। यद्यपि अनुच्छेद 30 (1) अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद का शैक्षिक संस्थान स्थापित करने की स्वतंत्रता देता है। जहां वे तय कर सकते हैं कि वे क्या सिखाना चाहते हैं, जैसे मदरसा, कॉन्वेंट स्कूल।

    लेकिन भारतीय कानून के अनुसार स्कूलों में गीता, रामायण पढ़ाने के लिए कोई नहीं रोक सकता।

    UPPROKT KHATAN KE ANUSAAR AAP KAH RAHE HI KI ARTICLE 30-A UPASTHITH HI

  • You’re doing a great job.Keep it up
    am really happy to say it’s an interesting post to read .

  • It totally depends on school wether they want to teach it or not. They choice not to teach any religious book. Though in every curriculum we find extractions of Ramayana and Mahabharatha which is good enough to guide them to be righteous.

  • Leave a Reply

    Create Account



    Log In Your Account



    %d bloggers like this: